नए आर्मी चीफ जनरल बिपिन रावत बोले, ‘जरुरत पड़ने पर सेना बल प्रयोग करने से नहीं हिचकेगी’

सेना के नए आर्मी चीफ जनरल बिपिन रावत ने कहा की देश के लोग और सेना सीमा पर शांति और खुशहाली बनाये रखना चाहती  है.और वो इसके लिए किसी भी तरह से शक्ति का प्रयोग करने से पीछे नही हटेगे.उन्होंने अपनी बातोँ से बिल्कुल सपष्ट कर दिया है की पूर्वी सेना के कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल प्रवीण बख्शी और दक्षिण के कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल पी. एम. हारिज सेना में सेवा देते रहेगे और सेना की शक्ति और एकता बनाये रखने में पूरी मदद देगे.

साउथ ब्लॉक में गार्ड ऑफ ऑनर लेने के बाद जनरल रावत ने कहा,की हमारी सेना देश में और सीमा पर शांति चाहती है अगर हम शांत है तो इसका ये मतलब नही की हम कमजोर है.उन्होंने कहा की हम हर तरह से शक्तिशाली है और जरूरत पड़ने पर किसी भी शक्ति का  प्रयोग करने से पीछे नही हटेगे.उन्होंने साफ़-साफ़ शब्दों में यही कहा की हमारा उदेश्य सिर्फ सीमा पर शांति बनाये रखना है और जिसके लिए हम वक्त पड़ने पर बल का प्रयोग करने से भी पीछे नही हटेगे..

आप को बता दे की भारत की  पाकिस्तान के साथ 3323 किलोमीटर लंबी सीमा रेखा है जिसमें 749 किलोमीटर नियंत्रण रेखा है.2016 में भारतीय सेना के अपने 60 सैनिक शहीद हुए लेकिन फिर भी पाकिस्तान अपनी नापाक हरकतों से बाज नही आया.जनरल रावत ने सेना के सभी रैंको को ध्यान में रखते हुए कहा है की सेना में हर व्यक्ति,हर सैनिक बहुत मायने रखता है.क्यूंकि हर सैनिक के योगदान से ही सेना सक्षम और मजबूत बनती है.

आप को बता दे की जनरल बिपिन रावत आर्मी के 27वे प्रमुख बने है. इन्होने जनरल दलबीर सिंह सुहाग का स्थान लिया जो 42 वर्षों की सेवा के बाद सेवानिवृत्त हुए है.जनरल रावत और उनके पूर्ववर्ती जनरल सुहाग गोरखा रेजिमेंट के हैं.और सेना के प्रमुख पदों पर भी वरिष्ठ अधिकारी गोरखा रेजिमेंट के है.जनरल रावत ने कहा कि उन्हें सेना सेनाध्यक्ष चुना गया है और वो सरकार के लिए गये फैसले को स्वीकार करते है..

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