जानिये किसे डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम इग्नाइट अवार्ड से सम्मानित किया गया और क्यों.

आज डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम का जन्मदिवस हैं और आज के दिन वर्ल्ड स्टूडेंट्स डे की तरह मनाया जाता हैं.डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम आज भी हम सब में जिन्दा हैं.डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम आज के युवाओं के प्रेरणास्त्रोत्र हैं.आज के बच्चे डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम को अपना आदर्श मानते हैं.डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम से प्रेरित होकर इस लड़की ने बनाई एक जादुई घड़ी.इस लड़की का नाम हैं नवजोत कौर.नवजोत कौर चंडीगढ़ की रहने वाली हैं.

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चंडीगढ़ की नवजोत कौर ने एक जादुई घड़ी बनाई हैं और इसी घड़ी के कारण इस लड़की को डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम इग्नाइट अवार्ड-2015 भी मिला.नवजोत कौर ने जो ये जादुई घड़ी बनाई है ये कोई आम घड़ी नही हैं.इस घड़ी में एक जीवन रक्षक सिस्टम लगा हुआ है। इससे बीमार व्यक्ति को पता चल जाता है कि उसे दवा कब लेनी है।इस लड़की में इतनी आधुनिक तकनीक हैं कि अगर किसी की तबियत खराब होने वाली हो या किसी को दिल का दौरा पड़ने वाला हो तो उसे पहले ही पता चल जाता हैं.इस जादुई घड़ी की खासियत ये भी हैं की इसमे जीपीएस भी जोड़ा हुआ  हैं.जीपीएस की मदद से अस्पताल को मरीज के बारे में पता चल सकेगा.

नवजोत का कहना हैं की अगर किसी मरीज को अपनी दवाई लेनी याद ना रहती हो,या किसी कोअन्य तरह की कोई जरूरी बातें याद दिलानी हो तो ये घड़ी जादू का ही काम करेगी.चंडीगढ़ के सेक्टर-68 की रहने वाली नवजोत को घड़ी बनाने की प्रेरणा अपनी सहेली से मिली थी। उनकी सहेली को दमा की बीमारी थी और उन्हें नियमित तौर पर दवा की जरूरत पड़ती थी। वह अक्सर अपनी दवा लेना भूल जाती थी। नवजोत ने घड़ी को इन्हेलर का रूप दे दिया और यह जादुई घड़ी उनकी सहेली को दवा का वक्त याद दिलाने लगी।नवजोत को उनकी इस खोज के लिए राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी सम्मानित कर चुके हैं।

 

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