जीत गई हिंदी ,दिया पछाड़ दुनिया की सारी भाषाओँ को,अंग्रेजी भी बोली तौबा तौबा !!

हिंदी हमारी राष्ट्र भाषा है .हमारे भारत मे हिंदी ऐसी भाषा है जो हर प्रान्त मे बोली जाती है .भारत के इलावा अन्य देशों मे भी हिंदी बोली जाती है  पिछले कुछ वर्षों मे हिंदी के भविष्य को लेकर कुछ चिंताएं थी लेकिन अब हिंदी को बोलने वालों की संख्या दुनिया मे बड़ती जा रही है . 2005मे 160 देशों मे हिंदी बोली जाती थी लेकिन अब सभी 206 देशों के लोग हिंदी बोलते है .हिंदी बोलने वालों की संख्या अब दुनिया मे सबसे अधिक है .हिंदी के बाद सबसे ज्यादा बोली जाने वाली भाषा चीन की मदारिन है .चीनी न्यूज़ एजेंसी के अनुसार चीन मे केवल 70 प्रतिशत लोग ही मदारिन बोलते है जबकि भारत मे 78प्रतिशत लोग हिंदी बोलते है .आंकड़ो के अनुसार दुनिया मे 64 करोड़ लोगों की मातृभाषा हिंदी है 20 करोड़ लोगों की दूसरी भाषा और 44 करोड़ लोगों की तीसरी ,चौथी या पांचवी भाषा है .

मुंबई विश्वविद्यालय के अध्यश करुणाशंकर उपाध्याय ने भारत को एक उभरती हुई अर्थव्यवस्था कहा है .उनका कहना है की दुनिया भर की कंपनिया भारत मे निवेश के लिए आ रही है .इसलिए उन्हें अपना व्यवसाय चलाने के लिए अपने कर्मचारियों को हिंदी सिखानी पड़ रही है . इसलिए एक तरह से हिंदी भाषा अब दुनिया मे फैल रही है .आपको बतादें की हिंदी सिखने वाले देशों मे चीन सबसे आगे है .अभी तक चीन के 20 विश्वविद्यालयों मे हिंदी पढ़ाई जाती है जो की आगे जाकर 50 हो जाने की सम्भावना है .चीन अपने सैनिकों को भी हिंदी सिखा रहे है .

मोदी जी द्वारा किये गये हिंदी के प्रचार से ही आज अन्य देशों मे भी हिंदी को मान्यता प्राप्त है .अंतराष्ट्रीय मंच पर बड़ रही हिंदी भाषा के कारण ही आज दुनिया भर के लोगों की हिंदी और हिंदुस्तान मे मे रूचि बढ़ी है . मॉरीशस,सूरीनाम,फिजी ,गयाना और टोबैगो जैसे अन्य और देशों मे भी हिंदी बहुप्रयुक्त भाषा है .फिजी एक ऐसा देश है जहाँ पर हिंदी को राजभाषा का दर्जा प्राप्त है . मॉरीशस मे तो “विश्व हिंदी सचिवालय “की स्थापना भी हुई है ,जिसका मुख्य उदेश्य हिंदी को विश्व स्तर पर प्रतिष्ठित करना है .

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