breaking news: आइसबर्ग नहीं, बल्कि ये थी टाइटैनिक के डूबने की असली वजह !!!

आपको बता दे की लंदन के मशहूर जहाज टाइटैनिक आइसबर्ग से टकराने के कारण नहीं, बल्कि आग के कारण उत्तरी अटलांटिक सागर में डूब गया था . यह दावा टाइटैनिक जहाज पर कर रही रिसर्च  विशेषज्ञों की एक टीम ने किया था जो जहाज अप्रैल 1912 में न्यू यॉर्क के लिए रवाना हुआ जिसमे  टाइटैनिक अटलांटिक महासागर में डूब गया था . आपको बता दे की 1,500 से भी ज्यादा यात्रियों की इस हादसे में मौत हो गई थी अभी तक लोगो का यह मानना था कि टाइटैनिक समुद्र की सतह के नीचे बने एक आइसबर्ग के साथ टकराने के कारण डूब गया था .

 

 

लेकिन अब विशेषज्ञों का कहना है कि यह आग तीन हफ्तों तक लगी रही और किसी ने भी इस बात पर ध्यान नहीं दिया . इसी आग के कारण जहाज ख़राब हो गया .और फिर जब सफर के दौरान आइसबर्ग के साथ इसकी टक्कर हुई, तो कमजोर होने के कारण वह डूब गया

जब पत्रकारो  ने जहाज के मुख्य इलेक्ट्रिकल इंजिनियर्स द्वारा ली गई तस्वीरों की जाँच की तो  ये तस्वीरें लेने के बाद टाइटैनिक बेलफास्ट शिपयार्ड में भेज दिया गया था. पत्रकार का कहना है कि उन्होंने इन तस्वीरों में पतवार के दाहिनी ओर 30 फुट लंबे काले निशान देखे यह निशान जहाज की लाइन के उस हिस्से के ठीक पीछे है, जहां आइसबर्ग टकराया था उन्होंने कहा, है की हम अब जहाज के उस हिस्से की तलाश कर रहे हैं, जहां पर आइसबर्ग टकराया था उस इलाके में पतवार का जो हिस्सा है, उसमें कोई  हाँनि या कमजोरी है या नहीं, और हम इसकी तह तक जायगे…..

 

विशेषज्ञों का  यह भी कहना है कि शायद किसी आग के  कारण पतवार के पास यह निशान बना है  यह आग शायद जहाज के बॉइलर रूम के पीछे बने तीन-मंजिला ईंधन स्टोर में लगी होगी .12 लोगों की एक टीम ने यह आग बुझाने की भी कोशिश की, लेकिन आग उनके काबू से बाहर थी .जिसके कारण जहाज का तापमान 1,000 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया . इसके बाद जब टाइटैनिक आइसबर्ग से टकराया, तब तक आग के कारण स्टील से बनी इसकी पतवार काफी कमजोर हो गई थी इसी वजह से आइसबर्ग के साथ टकराने पर जहाज की लाइन टूट गई. बता दे की टाइटैनिक बनाने वाली कंपनी के अध्यक्ष जे. ब्रूस ने जहाज पर सवार अधिकारियों को बता दिया था कि इस आग के बारे में यात्रियों को कुछ ना पता चले…