सरदारों पर चुटकुलेबाजी अब अपराध माना जाएगा।

आप सभी को बता दे की अब से सरदारों पर जोक्स नहीं बनाए जायेंगे। अगर आप सरदार जी पर जोक्स सुनना पसंद करते हैं तो सावधान हो जाइए क्यूँकि एक कमेटी ने सरदारों पर बने चुटकुलों को रैगिंग की श्रेणी में रखने का सुझाव दिया है। अगर यह सुझाव मान लिया जाता है तो सरदारों पर चुटकुलेबाजी अब अपराध माना जाएगा।

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अधिकतर चुटकुले सरदारों पर ही बने होते हैं। भारत के लोग बहुत मज़े से सरदारों पर चुटकुले बना लेते हैं,लेकिन अब ऐसा कुछ नहीं होगा क्यूँकि इन चुटकुलों पर प्रतिबंध लगने वाला हैं। सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज एचएस बेदी की अध्यक्षता वाली इस कमेटी ने सरदारों पर चुटकुले बनाने वाली सभी वेबसाइट्स, प्रिंट इलैक्ट्रॉनिक मीडिया पर भी रोक लगाने का सुझाव दिया है।दरअसल, स्कूल कॉलेज मे अगर आप अब किसी भी सरदार समुदाय के लड़के का या उससे संबंधित किसी व्यक्ति का मज़ाक उड़ाते हैं या उन्हें मंदबुद्धि साबित करने की कोशिश करते हैं तो उनके आधार पर आपको संस्था से निकाल दिया जायेगा। इसे भी रैगिंग के समान ही अपराध माना जाएगा और आरोपी पर कारवाई की जाएगी और कॉलेज से निकाल दिया जायेगा।

वर्ष 2015 के अक्टूबर महीने में भी ऐसी खबर आई थी कि इन चुटकुलों को प्रतिबंधित किया जा सकता है। सुप्रीम कोर्ट में दायर एक याचिका में दलील दी गई थी कि अधिकतर चुटकुलों में सिख समुदाय के लोगों को बेवकूफ व्यक्ति की छवि दी जाती है।

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